गोवा, जिसे 'भारत का मोती' भी कहा जाता है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इसी जीवंत संस्कृति और विविधता को प्रदर्शित करने के लिए गोवा सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा गोवा विरासत महोत्सव 2024 का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 24 से 26 मई 2024 तक सलीगाओ फुटबॉल ग्राउंड में शाम 6 बजे से शुरू होगा।
तीन दिवसीय महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
यह महोत्सव तीन दिनों तक चलने वाला है, जिसमें गोवा की संस्कृति और परंपराओं को विभिन्न कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। पारंपरिक नृत्य, लाइव म्यूजिक, और सांस्कृतिक गतिविधियाँ इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। महोत्सव में भाग लेने वाले प्रमुख बैंड और कलाकारों में स्काई हाई, प्योर मैजिक, कांता गोडे ग्रुप, हेमा सारदेसाई, लिंक्स, टाइडल वेव, 24K इंडिया, ट्रूली योर्स, और आर्चीज शामिल हैं।
सांस्कृतिक गतिविधियों का बहुरंगी स्वरूप
महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियाँ और प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगी। इनमें पारंपरिक नृत्य, लाइव म्यूजिक, और सांस्कृतिक गतिविधियाँ शामिल हैं। पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से गोवा की जीवंत संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध बैंड और कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करेंगे और उन्हें गोवा की सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराएंगे।
विशेष कार्यक्रम और प्रदर्शन
महोत्सव में विशेष कार्यक्रम और प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक फैशन शो शामिल है, जहाँ गोवा के पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा, कई पुस्तक स्टाल, फोटो गैलरी, और पारंपरिक गोवा के खाद्य स्टाल भी महोत्सव का हिस्सा होंगे, जो गोवा की सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोण को दर्शाएंगे।
खाद्य स्टाल
महोत्सव में पारंपरिक गोवा के खाद्य स्टाल भी शामिल होंगे जहाँ प्रसिद्ध गोवा के व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है। ये खाद्य स्टाल महोत्सव में एक अलग ही रंग भर देंगे, जहाँ लोग पारंपरिक गोवा के स्वाद और खुशबू का अनुभव कर सकेंगे।
पुस्तक और फोटो गैलरी
इस महोत्सव में पुस्तक स्टाल और फोटो गैलरी भी शामिल होंगी, जहाँ गोवा की समृद्ध विरासत और इतिहास को चित्रित किया जाएगा। पुस्तक स्टाल पर गोवा की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं पर आधारित किताबें उपलब्ध रहेंगी, वहीं फोटो गैलरी में गोवा के सुंदर दृश्य और ऐतिहासिक क्षणों की विशेष झलक देखने को मिलेगी।
महोत्सव का महत्व
सुनिल अंचिपाका, आईएएस, निदेशक पर्यटन एवं प्रबंध निदेशक जीटीडीसी, का कहना है कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य गोवा की समृद्ध विरासत का सम्मान करना है और इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। यह महोत्सव न केवल गोवा की संस्कृति और परंपराओं को सहेजता है, बल्कि लोगों को उनकी जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।
अंतिम शब्द
गोवा विरासत महोत्सव 2024 में भाग लेकर लोग अनूठे गोवा की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का आनंद ले सकेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में अनेक आकर्षण होंगे, जो लोगों को गोवा की परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ एक यादगार अनुभव प्रदान करेंगे। अगर आप गोवा की विरासत और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखना चाहते हैं, तो इस महोत्सव में अवश्य शामिल हों।