पेरिस ओलंपिक 2024 डे 12 लाइव अपडेट्स: मीराबाई चानू और विनेश फोगाट पर पूरे देश की नजरें, भारत को और पदकों की उम्मीद

पेरिस ओलंपिक 2024 डे 12 लाइव अपडेट्स: मीराबाई चानू और विनेश फोगाट पर पूरे देश की नजरें, भारत को और पदकों की उम्मीद

पेरिस ओलंपिक 2024 डे 12 लाइव अपडेट्स: मीराबाई चानू और विनेश फोगाट पर पूरे देश की नजरें, भारत को और पदकों की उम्मीद

अगस्त 8, 2024 इंच  खेल subham mukherjee

द्वारा subham mukherjee

पेरिस ओलंपिक 2024 डे 12: मीराबाई चानू और विनेश फोगाट पर सबकी नजरें

पेरिस ओलंपिक 2024 के बारहवें दिन का घटनाक्रम भारतीय खेमे के लिए भावनाओं से भरा रहा। विभिन्न खेलों में भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन ने देशवासियों को गर्व और निराशा दोनों ही भावनाओं का अनुभव कराया। मीराबाई चानू और विनेश फोगाट जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा में रहा।

मीराबाई चानू: सफलता के बेहद करीब

टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू ने इस बार भी अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। हालांकि, वे अपने दूसरे ओलंपिक पदक को जीतने से सिर्फ एक कदम दूर रहे और चौथे स्थान पर रहीं। मीराबाई ने अपनी सबलता और समर्पण से वेटलिफ्टिंग में भारत का नाम फिर से ऊँचा किया है। उनकी ये नई कामयाबी और उनका जज्बा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

विनेश फोगाट: संघर्ष और विवाद

विनेश फोगाट, जिन्होंने सेमीफाइनल में इतिहास रचा, को स्वर्ण पदक की दौड़ से मात्र 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण बाहर कर दिया गया। इस निर्णय ने न केवल विनेश को बल्की पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। पूर्व भारतीय एथलीट पीवी सिंधु और विजेंदर सिंह ने इस फैसले पर खुलकर असहमति जताई और इसे संभावित साजिश करार दिया। विनेश के इस प्रदर्शन और विवाद ने ओलंपिक के इस संस्करण में भारतीय कप्तान की चुनौती को और गहरा किया है।

नीरज चोपड़ा की शानदार फेंक

नीरज चोपड़ा ने अपने खूबसूरत प्रदर्शन से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया। भाले फेंक प्रतियोगिता में उनकी जोरदार फेंक ने सभी को प्रभावित किया। नीरज का यह प्रयास उन्हें ओलंपिक इतिहास के महानतम एथलीटों में शामिल करने के लिए पर्याप्त है। उनका नया रिकॉर्ड और प्रदर्शन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है।

अविनाश साबले: स्टीपलचेज में उम्मीदें

अविनाश साबले ने स्टीपलचेज में ग्यारहवां स्थान हासिल किया। उनके प्रदर्शन को भारतीय प्रशंसकों ने सराहा और उनके लिए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अविनाश का जोश और उत्साह उन्हें अगले ओलंपिक में पदक जीतने की क्षमता में तब्दील कर सकता है।

भारतीय हॉकी टीम का दिल हारने वाला संघर्ष

भारतीय हॉकी टीम, कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में, जर्मनी के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में 2-3 से हार गई। टीम का प्रदर्शन शानदार था लेकिन भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया। टीम की मेहनत और निष्कलंक प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय हॉकी टीम में विश्व स्तर पर विवेक और धैर्य की कमी नहीं है।

मनु भाकर की दोहरी सफलता

मनु भाकर ने एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतकर नया इतिहास रच डाला। उनकी सफलता ने भारतीय शूटींग के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। मनु का फोकस और नियत प्रयास आने वाले वर्षों में और अधिक सफलताओं का संकेत देता है।

आईटी अवरोध और ओलंपिक व्यवस्थाओं पर प्रभाव

एक और महत्वपूर्ण घटना आईटी अवरोध थी जिसने ओलंपिक व्यवस्थाओं को प्रभावित किया। यह व्यवधान कुछ समय के लिए खेलों की कार्यवाही को बाधित किया लेकिन इसे जल्दी ही सुधार लिया गया। इस प्रकार की चुनौतियाँ बड़े आयोजन से अपेक्षित होती हैं और टैक्निकल टीम ने इसे तत्काल प्रभावी ढंग से संभाला।

कुल मिलाकर, पेरिस ओलंपिक 2024 डे 12 भारतीय टीम के लिए भावना प्रधान और कुछ हद तक निराशाजनक साबित हुआ। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के जज्बे और संघर्ष ने एक बार फिर साबित किया कि वे किसी भी चुनौती को पार करने के लिए सक्षम हैं। इन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिबद्धता ने भारतीय खेल के भविष्य को और उज्ज्वल बना दिया है।

subham mukherjee

subham mukherjee

मैं एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हूँ, जो दैनिक खबरों से जुड़े मुद्दों पर लिखना पसंद करता हूँ। मैंने कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया है और मुझे जनता को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने में खुशी मिलती है।

14 टिप्पणि

  • Kiran Meher

    Kiran Meher

    8 अगस्त 2024

    मीराबाई ने जो किया वो देश के लिए गर्व की बात है बस एक पदक कम आया वो भी दिल तोड़ देने वाला नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है
    हम आगे बढ़ेंगे और बड़ा करेंगे

  • Tejas Bhosale

    Tejas Bhosale

    10 अगस्त 2024

    विनेश का case एक classic hegemonic structural bias का example है जहाँ weight classification को manipulate किया गया ताकि systemic suppression हो सके
    इसके बाद भी वो जो लड़ा वो एक true warrior है

  • Asish Barman

    Asish Barman

    11 अगस्त 2024

    नीरज का gold तो बहुत अच्छा लगा पर अब तो हर कोई नीरज के बारे में बात करता है क्या बाकी खिलाड़ियों का क्या हुआ

  • Abhishek Sarkar

    Abhishek Sarkar

    12 अगस्त 2024

    ये सब एक बड़ी साजिश है जिसमें वेटलिफ्टिंग और फ्रीस्टाइल रेसलिंग में भारत को हमेशा से रोका जा रहा है
    विनेश को 100 ग्राम के लिए बाहर किया गया लेकिन दुनिया भर में ऐसे खिलाड़ी जिनका वजन ज्यादा था वो पदक ले गए
    ये फैसला एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है जिसमें आईओए और भारतीय खेल प्राधिकरण दोनों शामिल हैं
    हमें अपने खिलाड़ियों को बचाने के लिए एक अलग लीग बनानी चाहिए
    मीराबाई को भी नियंत्रित किया गया था वरना वो गोल्ड ले आती
    इस वक्त जो भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वो निश्चित रूप से बाहरी दबाव में है
    हमें अपने खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपील करनी चाहिए
    इस बार जो भी पदक आए वो नकली हैं क्योंकि सिस्टम बदल चुका है
    हमारे खिलाड़ी अपने दिल से लड़ रहे हैं लेकिन सिस्टम उनके दिमाग से लड़ रहा है
    हमें अपने खिलाड़ियों को बचाने के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन शुरू करना चाहिए
    ये ओलंपिक अब कोई खेल नहीं बल्कि एक जासूसी युद्ध है
    हमें अपने खिलाड़ियों के लिए जीतना है न कि बस भाग लेना है

  • Niharika Malhotra

    Niharika Malhotra

    14 अगस्त 2024

    हर एक खिलाड़ी जिसने ओलंपिक पर खेला वो एक विजेता है
    उनकी मेहनत, उनका समर्पण, उनका संघर्ष-ये सब कुछ देश के लिए पर्याप्त है
    हमें इनके प्रदर्शन को देखकर गर्व करना चाहिए, न कि सिर्फ पदकों की संख्या पर निर्भर करना
    मीराबाई ने जो दिखाया वो दिल से जीत थी
    विनेश का जोर भी एक अनमोल उपलब्धि है
    हम इनके लिए आशीर्वाद दें, और उन्हें याद रखें कि हम उनके साथ हैं

  • Baldev Patwari

    Baldev Patwari

    15 अगस्त 2024

    मनु भाकर के दो पदक? बस एक अच्छा शूटर है बस और कुछ नहीं
    नीरज का जोर तो बहुत बड़ा है लेकिन वो भी एक बार में लगा हुआ है
    बाकी सब तो बस बहाने हैं

  • harshita kumari

    harshita kumari

    15 अगस्त 2024

    इस ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है
    मीराबाई को भी एक गलत वजन दिया गया था
    विनेश का case बिल्कुल भी याद नहीं आ रहा कि वो कितने ग्राम अधिक थे
    ये सब एक बड़ी चाल है जिसमें भारत के खिलाड़ियों को डराया जा रहा है
    आईओए के साथ भारत सरकार का गुप्त समझौता है
    ये सब तभी तक चलेगा जब तक हम चुप रहेंगे

  • SIVA K P

    SIVA K P

    15 अगस्त 2024

    तुम लोग बस नीरज के आगे झुक रहे हो लेकिन विनेश के बारे में क्या? वो तो असली लड़ाई लड़ रहा था
    मीराबाई ने तो बस एक वजन नहीं उठाया बल्कि देश की आत्मा उठाई

  • Neelam Khan

    Neelam Khan

    17 अगस्त 2024

    हर एक खिलाड़ी जिसने ओलंपिक के लिए तैयारी की वो एक नायक है
    हमें उनके प्रयास को सलाह देने की जगह सम्मान देना चाहिए
    मीराबाई और विनेश की कहानी बस एक खेल की नहीं बल्कि एक जीवन की है
    उनके बाद आने वाले बच्चे इनके द्वारा दिखाई गई लगन को देखकर अपने सपने बनाएंगे
    हम उनके लिए गर्व करते हैं और उनके लिए आशीर्वाद देते हैं

  • Jitender j Jitender

    Jitender j Jitender

    18 अगस्त 2024

    स्टीपलचेज में अविनाश का 11वां स्थान एक quantum leap है
    हमारे शूटर्स और वेटलिफ्टर्स ने जो किया वो एक systemic transformation का संकेत है
    भारत अब बस एक खेल का देश नहीं बल्कि एक खेल निर्माण का देश बन रहा है

  • Jitendra Singh

    Jitendra Singh

    18 अगस्त 2024

    मीराबाई ने जो किया वो बहुत अच्छा लगा लेकिन ये ओलंपिक का असली नतीजा नहीं है
    विनेश के बाहर होने के बाद भी तुम लोग उसकी तारीफ कर रहे हो ये बहुत नाजुक बात है
    हमें असली जीत चाहिए न कि भावनात्मक विजय

  • VENKATESAN.J VENKAT

    VENKATESAN.J VENKAT

    20 अगस्त 2024

    हम जो देख रहे हैं वो एक नियंत्रित असलियत है
    मीराबाई का चौथा स्थान भी तो एक नियोजित घटना है
    विनेश को बाहर करने का फैसला एक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है
    हमें अपने खिलाड़ियों को बचाने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करना होगा
    ये ओलंपिक अब कोई खेल नहीं बल्कि एक राजनीतिक खेल है

  • Amiya Ranjan

    Amiya Ranjan

    20 अगस्त 2024

    विनेश का मामला बिल्कुल गलत था
    हमें इसके लिए कुछ करना चाहिए

  • Kiran Meher

    Kiran Meher

    21 अगस्त 2024

    अविनाश का 11वां स्थान भी बहुत अच्छा है लेकिन अगले ओलंपिक में हमें टॉप 5 में जाना होगा
    मीराबाई की तरह वो भी गोल्ड की ओर बढ़ेगा

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