राजस्थान के छात्रों और उनके माता-पिता के लिए आज सुबह की पहली ख़बर सही जगह पर थी। राजस्थान उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आखिरकार कक्षा 5 और 8 के परीक्षा परिणाम प्रकट कर दिए हैं। यह घोषणा 24 मार्च, 2026 को दोपहर 1:00 बजे हुई। राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य में ये नतीजे किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं हैं। कुल मिलाकर 26 लाख से अधिक छात्रों के परिणामों का विवरण अब सार्वजनिक हो चुका है, जिससे राज्य भर में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह तारीख विशेष महत्व रखती है क्योंकि हालिया वर्षों में यह पहली बार था जब कक्षा 5, 8 और 10 के बोर्ड नतीजे एक ही दिन जारी किए गए। इस निर्णय से छात्रों को समय की बचत होती है और वे अपनी पढ़ाई के अगले चरण की योजना तेजी से बना सकते हैं। परिणामों का एलान मादन सिंह दिलोवर, स्कूल शिक्षा मंत्री of राजस्थान और गजेन्द्र सिंह राठौर, R.B.S.E. सचिव की निगरानी में हुआ।
नतीजों की विस्तृत गिनती और सफलता दर
आंकड़ों की बात करें तो तस्वीर काफी रोशन है। कक्षा 5 की परीक्षा में कुल 13,68,947 छात्र बैठे थे, जो पूरी राजस्थान के 18,621 केंद्रों में बंटे हुए थे। इनमें से 13,23,936 छात्रों ने उत्तीर्ण होने का लक्ष्य हासिल किया, जो कि 97.75 प्रतिशत की सफलता दर है। दूसरी ओर, कक्षा 8 की परीक्षा में 12,86,220 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 12,45,735 छात्र पास हुए, जिससे पास की दर 97.01% रिकॉर्ड हुई।
दरअसल, दोनो कक्षाओं का मिश्रित परिणाम देखिए तो यह संख्या बेहद भारी है। कुल मिलाकर 23.79 लाख से अधिक छात्र अब दोनों वर्गों में पास हुए हैं। ऐसे उच्च स्कोर या सफलता दर अक्सर तब देखने को मिलती हैं जब परीक्षा का स्तर वांछित अनुसार होता है और शिक्षकों की तैयारी ठीक से काम आती है। लेकिन 97% से भी ऊपर कोई भी स्थिति हमेशा सराहनीय रहती है।
परिणाम चेक करने की प्रक्रिया और पोर्टल्स
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपना परिणाम कैसे देखें? सरकार ने इसे बहुत सहज बनाया है। छात्र अपने रोल नंबर का उपयोग करके कई सरकारी वेबसाइटों से अपना नोटिस डाउनलोड कर सकते हैं। मुख्य पोर्टल rajshaladarpan.nic.in और rajeduboard.rajasthan.gov.in हैं। आपको बस लिंक पर जाना है, सही क्लास का चयन करना है और रोल नंबर डालकर सबमिट बटन दबना है।
इस प्रक्रिया में आमतौर पर कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, जैसे सर्वर पर भार बढ़ना। इसलिए पहले कुछ घंटों में पोर्टल धीमे चल सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्रविष्टि के बाद ही आप अपने प्राविव्या मार्किट (provisional marksheet) को मुफ्त डाउनलोड कर पाएंगे। यह प्रत्येक विषय के अंक दिखाता है, न कि केवल कुल अंक।
ग्रेडिंग सिस्टम: अंक नहीं, ग्रेड आधारित प्रणाली
बहुत से लोग अभी भी अंतर में अटक जाते हैं कि ग्रेड क्या होते हैं। R.B.S.E. द्वारा अपनाई गई नई व्यवस्था में अब केवल अंक नहीं, बल्कि ग्रेड पर आधारित प्रणाली लागू है। यहाँ ग्रेडिंग पैमाना पाँच श्रेणियों में बांटा गया है।
- ग्रेड A: 81 से 100 अंक (सबसे उच्च)
- ग्रेड B: 61 से 80 अंक
- ग्रेड C: 33 से 60 अंक
- ग्रेड D: 33 से 32 अंक
- ग्रेड E: 0 से 32 अंक (निम्नतम)
यह व्यवस्था छात्रों को अंक दबाव से थोड़ी छुट्टी देती है और उन्हें अपने प्रदर्शन का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद करती है। हालाँकि, अभिभावक अभी भी इन्हें समझने में समय ले रहे हैं, लेकिन लंबे समय में यह शिक्षा प्रणाली के लिए लाभदायक साबित होगी।
लड़कियों का प्रदर्शन और पुनः परीक्षा अवसर
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि कक्षा 8 के परिणामों में लड़कियों ने लड़कों पर 1.05% का हवाला बनाया। यह सामाजिक रूप से एक प्रेरणादायक संकेत है कि शिक्षा क्षेत्र में लिंग असमानता कम होती जा रही है। फिर भी, 38,276 छात्रों को सहायक श्रेणी (supplementary category) में रखा गया है।
ये छात्र पुनः परीक्षा देने के लिए पात्र हैं। बोर्ड द्वारा दी गई तिथियां जल्दी ही अधिसूचित की जाएंगी। इन छात्रों के लिए यह दूसरा मौका है ताकि वे अपना सपास (supple) परीक्षा पास कर सकें और कक्षा में आगे बढ़ सकें। यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि कोई भी छात्र छोटी गलती की वजह से पूरी तरह पीछे न रह जाए।
परीक्षा अनुष्ठान और भविष्य की योजना
कक्षा 5 की परीक्षाएं 20 फरवरी से 5 मार्च, 2026 के बीच आयोजित हुई थीं, जबकि कक्षा 8 की परीक्षाएं 19 फरवरी से 4 मार्च तक चलीं। दोनों ही परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में, शाम 1:30 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित की गई थीं। यह समय सीमा छात्रों के स्वास्थ्य और परीक्षा प्रबंधन के लिए अनुकूल थी।
भविष्य में यह उम्मीद की जाती है कि अन्य परीक्षाएं भी डिजिटल रूप से और तेजी से प्रशासित की जाएंगी। वर्तमान परिणामों की घोषणा ने 2026 की शैक्षिक नीति को और मजबूत बनाया है। छात्रों के लिए अब अगला कदम नई कक्षा में नामांकन पूरी करना और नई किताबों का अध्ययन शुरू करना है।
Frequently Asked Questions
परिणाम देखने के लिए कौन सा वेबसाइट सबसे अच्छी है?
मुखतम तौर पर rajshaladarpan.nic.in सबसे प्राथमिक पोर्टल है, लेकिन आप rajeduboard.rajasthan.gov.in का भी उपयोग कर सकते हैं। दोनों वेबसाइट्स समान डेटा प्रदान करती हैं।
यदि परिणाम में कोई गलती दिखे तो क्या करें?
यदि मार्कशीट में गणितीय गलती या त्रुटि दिखे, तो आपको संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य से संपर्क करना चाहिए। वह बोर्ड के साथ विवाद निवारण प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
सहायक श्रेणी (Supplementary) में आए छात्र क्या करें?
इन छात्रों को निर्धारित तिथियों पर फिर से परीक्षा में भाग लेना होगा। विफल हुए विषयों के लिए पुनः परीक्षा का आयोजन जल्द ही बोर्ड द्वारा कराया जाएगा।
क्या परिणामों की कॉपी डाउनलोड मुफ्त है?
हां, ऑनलाइन डाउनलोड पूरी तरह से मुफ्त है। छात्र बस अपना रोल नंबर दर्ज करके प्राविव्या मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं।
Shankar Kathir
28 मार्च 2026यह प्रक्रिया बहुत ही सुविधाजनक हो गई है और सबके लिए एक साथ खुशी का मौका बना है। पहले हमें स्कूल जाकर पता करना पड़ता था कि नतीजे कैसे आए हैं। अब घर बैठे सब कुछ कर सकते हैं ऑनलाइन। वेबसाइट पर रोल नंबर डालना काफी आसान है बच्चों के लिए भी। सही लिंक का चयन जरूरी होता है ताकि कोई दिक्कत न हो। कभी कभी सर्वर पर भीड़ बन जाती है शुरुआत में। तब थोड़ा इंतजार करना पड़ता है सबको धैर्य रखना चाहिए। डाउनलोड होने के बाद मार्किट सेव कर लीजिये अपने पास। भविष्य में इसका उपयोग कई जगह काम आ सकता है। ग्रेड सिस्टम को समझना भी जरूरी है अभिभावकों के लिए। बच्चों को अंकों के दबाव से बचाना चाहिए यही उद्देश्य है। शिक्षा मंत्रालय ने अच्छा काम किया है इस बार। बोर्ड ने समय सीमा का ध्यान रखा पूरी तरह से। रिजल्ट की घोषणा तीव्र थी और सभी को लाभ मिला। अब अगली कक्षा की तैयारी शुरू करने का समय आ गया है। मातृभाषा में भी जानकारी उपलब्ध है इसलिए कोई अड़चन नहीं रहेगी।
Firoz Shaikh
28 मार्च 2026उपयोगिता के हिसाब से ये पोर्टल्स बहुत अच्छे हैं लेकिन सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। हमेशा आधिकारिक लिंक का ही इस्तेमाल करें जिसमें सरकार का लोगो हो। साइबर सुरक्षा के तहत डेटा की जानकारी दी जानी चाहिए छात्रों को। कई बार नकली लिंक भी आ जाते हैं इंटरनेट पर फिशिंग के लिए। मैंने देखा है कि लोग बिना चेक किए लिंक क्लिक कर लेते हैं। इसके लिए एक चेतना कार्यक्रम चलाना चाहिए स्कूलों में। तकनीकी टीम को भी इसे बेहतर बनाना पड़ेगा भविष्य के लिए। सरकारी पोर्टल्स के पास सर्वर क्षमता बढ़ानी होगी तेजी से। अन्यथा फिर वही समस्या आएगी जैसी पिछले साल आई थी।
Uma ML
30 मार्च 202697 percent ka dikhau hai par sach kya hai log yaad rakhein quality check mat kiye. school ke level par cheating hoti hai humare yahaan aur iska koi account nahin milega. sabko bas pass karna hai aur baat khatam ho jaati hai fir teachers khush hojate hai. parents ko lalach hai sirf number dekhna usme unhe koi farq nahi padata acchi education ke bare me. government bhi bas numbers banane me laga hua hai taaki unhe vote mile. ye sab false confidence deta hai bacchon ko future me problem hogi career me. kisi ne asli learning to dekha nahi sirf percentage dikhaya ja raha hai hamara time waste hua. hamari generation me quality thi na ye new tricks chal rahi hai schools me. ab hum dekhenge kya hota hai college admission me jab competition badhega. tabhi to sahi lagana hai ye system kahan le jayega hamare bachon ko. mere hisaab se kuch galat hai is calculation me jo public ko di ja rahi hai. humein bhi alert rakhna chahiye apne haq ke liye.
Saileswar Mahakud
31 मार्च 2026दूसरे नजरिए से देखना भी जरूरी है क्योंकि हर परिवार की स्थिति अलग होती है। जो बच्चे पूरे प्रयास करते हैं उनके लिए यह मोटिवेशन बनता है। हमें बुरा सोचना नहीं चाहिए अगर परिणाम अच्छे हैं तो उसका मतलब है कि कोशिश हुई है। सामाजिक स्तर पर जब सफलता दिखेगी तो लोगों में उमंग पैदा होगी। कुछ विषयों में कमजोरी रह सकती है लेकिन ग्रेडिंग सिस्टम उसे कवर करता है। सहायक श्रेणी वाले छात्रों को भी मौका मिल रहा है दूसरी बार। यह दर्शाता है कि शिक्षा नीति में मानवीकरण हुआ है। मुझे लगता है कि सब अच्छी दिशा में ही जा रहा है।
Senthil Kumar
2 अप्रैल 2026परिणाम देखने के बाद अब फोकस बदलना होगा।
Bhoopendra Dandotiya
3 अप्रैल 2026राजस्थान की शिक्षा प्रणाली में यह एक बड़ा मोड़ है जिसे समझना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी संज्ञान बढ़ रहा है डिजिटल साक्षरता के कारण। यह तथ्य बताता है कि बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है धीरे धीरे।
Mukesh Kumar
3 अप्रैल 2026सभी बच्चों को दिल जीत लेने वाली बात यह है कि उन्हें फिर से कोशिश करने का मौका मिला है। जो सहायक श्रेणी में आए हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। पुनः परीक्षा का आयोजन हो रहा है और इससे उनका भविष्य सुरक्षित है। हम सबको एक साथ खड़ी होकर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। असरदार सहयोग से वे आत्मविश्वास प्राप्त करेंगे। यह नई शुरुआत है और हर छोटा कदम महत्वपूर्ण है जीवन में।
Mona Elhoby
4 अप्रैल 2026finally ladkiyo ne jeet liya par socho tumhen isme koi khushi kyun milti hai. society abhi tak wahi purani adat rakhti hai gender gap ko ignore karti hui. agar boys peeche rahenge toh kya hoga samajhanie bahut zaroori hai isliye. ye data sirf ek tarah ki propaganda hai logon ke liye politics ke liye. koi asli sudhar nahi hone wala isi tarah chalega raasta aage badhta jayega. bas headlines change hongi jo log padhte rahenge daily basis par. actually real picture kabhi sachi nahi dikhati media me hum sab jante hai. humari children ka bhavishya itni aasani se solve ho raha hai ye toh ajeeb hai mujhe. thoda sa data badle aur sab khush hojate hain jaise koi festival ho gaya. reality check lene ka waqt aa gaya hai abhi is mamle me. wo sabse zyada chhod diya janta hai humare dimaag se.
Arjun Kumar
4 अप्रैल 2026मुझे लगता है कि पास प्रतिशtant बहुत ज्यादा दिखाई जा रही है। आम तौर पर किसी भी बोर्ड में 100 फीसदी पास होने की स्थिति संदिग्ध होती है। परीक्षा का स्तर कम हो सकता है या आसान पेपर्स दिए गए थे। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के छात्रों की प्रतियोगिता पर असर पड़ेगा। हमें गहराई से इन आंकड़ों का विश्लेषण करना चाहिए।
RAJA SONAR
6 अप्रैल 2026वे बाजार की भांति नतीजे निकाल देते हैं हमें क्या फायदा इससे सिर्फ खुश होना है ना। लोग रोने लाए हैं लेकिन यह सब दिखावा है मेरे हिसाब से।
Harsh Gujarathi
7 अप्रैल 2026शुभकामनाएं सभी बच्चों के लिए जो नए स्तर पर पहुँचे हैं। यह सफलता केवल अंकों की नहीं बल्कि मेहनत का भी फल है। हमें इसे एक पायदान के रूप में देखना चाहिए। 🎉✨💯
Rahul Sharma
9 अप्रैल 2026अगर मार्किट में टाइपो है तो आप प्रधानाचार्य से संपर्क कर सकते हैं। बहुत बार ऐसे errors होते हैं जो सुधारे जाते हैं समय पर। आपको शांति से प्रतीक्षा करनी होगी।
Shraddhaa Dwivedi
10 अप्रैल 2026नए अध्याय की योजना बनाने के लिए आज ही समय निकालें। पढ़ाई का अनुसूचित नियोजन कर दें। इससे बच्चों को तनाव कम महसूस होगा।
Govind Vishwakarma
12 अप्रैल 2026वेबसाइट पर लगता है traffic बहुत ज्यादा थी wait करना पडा। कोई फिक्र न करो ठीक हो जाएगा।
Jamal Baksh
12 अप्रैल 2026डिजिटल प्रशासन में यह कदम बहुत सराहनीय है और भविष्य के लिए आधारस्तंभ सिद्ध होगा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ऐसे उपाय आवश्यक हैं। राजस्थान ने एक मिसाल कायम की है अपने निष्कर्षों द्वारा।
Rakesh Pandey
14 अप्रैल 2026देखिए सब ठीक है बस सब्र रखो। समय के साथ यह नया सिस्टम कम्फर्टेबल हो जाएगा। आमतौर पर लोग बदलाव से डरते हैं।