Barabati Stadium में India vs England 2nd ODI टिकट बिक्री के दौरान भारी अफरा-तफरी, कई लोग बेहोश

Barabati Stadium में India vs England 2nd ODI टिकट बिक्री के दौरान भारी अफरा-तफरी, कई लोग बेहोश

Barabati Stadium में India vs England 2nd ODI टिकट बिक्री के दौरान भारी अफरा-तफरी, कई लोग बेहोश

जुलाई 15, 2025 इंच  खेल subham mukherjee

द्वारा subham mukherjee

India vs England 2nd ODI: टिकट के लिए Barabati Stadium में बेकाबू भीड़

क्रिकेट को लेकर कितनी दीवानगी है, इसका ताजा उदाहरण कटक के बाराबती स्टेडियम में 5 फरवरी 2025 को देखने को मिला। जैसे ही भारत और इंग्लैंड के दूसरे वनडे की टिकट बिक्री सुबह शुरू हुई, हजारों लोग एक साथ मैदान के बाहर जमा हो गए। ऑनलाइन टिकट जल्दी खत्म हो चुके थे, ऐसे में भीड़ ऑफलाइन काउंटर पर उमड़ पड़ी—कई लोग तो रातभर वहां डटे रहे।

सुबह जैसे ही काउंटर खुले, लोगों का धैर्य जवाब दे गया। धक्का-मुक्की बढ़ती गई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को Barabati Stadium के बाहर पानी की बौछार करनी पड़ी और बैरिकेडिंग काटकर इमरजेंसी निकास बनाना पड़ा। अचानक भगदड़ जैसी हालत हो गई—लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

  • सैकड़ों लोग घंटों धूप में खड़े रहे, जिससे कई लोगों को चक्कर आ गए।
  • कम से कम 10 लोग भीड़ और डिहाइड्रेशन के कारण बेहोश हो गए—इनमें से कुछ को पास के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
  • कई स्थानीय लोगों और फैन्स ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, खासतौर पर पीने के पानी की कमी और खराब निकासी को लेकर।

पुलिस और सुरक्षा कर्मचारियों ने भीड़ को कंट्रोल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इंतज़ार में खड़े लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता रहा। कई परिवारों के छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

टिकट काउंटरों पर क्यों लगी इतनी भीड़?

टिकट काउंटरों पर क्यों लगी इतनी भीड़?

बाराबती स्टेडियम में 2019 के बाद पहली बार कोई वनडे इंटरनेशनल हो रहा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों की वापसी भी फैन्स को टिकट काउंटर तक खींच लाई। सोशल मीडिया पर फैंस ने सुबह 3-4 बजे से लंबी कतारें शुरू होने की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए।

इस बार टिकटों की संख्या सीमित थी और ऑनलाइन कोटा तेजी से खत्म होने के बाद लोग ऑफलाइन काउंटर की ओर ही भरोसा लेकर पहुंचे। टिकट सिस्टम पर कई बार इसी तरह की अराजकता देखी गई है, लेकिन हर बार प्रशासन सिर्फ तात्कालिक इंतजाम तक ही सीमित रह जाता है।

घटना के बाद पुलिस ने कहा कि आगे की टिकट बिक्री ऑनलाइन ही की जाएगी और भीड़ प्रबंधन पर और सख्ती होगी। फिर भी, फैन्स में इस स्थिति को लेकर नाराज़गी साफ दिखी—लोगों को उम्मीद थी कि इतने बड़े इवेंट में सुरक्षा और सुविधाएं बेहतर रहेंगी।

सवाल यही है कि जब क्रिकेट देश में उत्सव है, तो उसके इंतजाम भी उसी लेवल के क्यों नहीं हो सकते?

subham mukherjee

subham mukherjee

मैं एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हूँ, जो दैनिक खबरों से जुड़े मुद्दों पर लिखना पसंद करता हूँ। मैंने कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया है और मुझे जनता को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने में खुशी मिलती है।

16 टिप्पणि

  • Puru Aadi

    Puru Aadi

    16 जुलाई 2025

    भाई ये भीड़ देखकर लगा जैसे फेस्टिवल हो रहा है ना टिकट बिक्री नहीं 😅 लेकिन असल में ये बेहोश होने वाले लोग बस इंतजार कर रहे थे... अगली बार ऑनलाइन ही बुक करो भाई, बाहर न आओ धूप में 🤝

  • Garima Choudhury

    Garima Choudhury

    16 जुलाई 2025

    ये सब गवर्नमेंट की चाल है भाई जान। टिकट ऑनलाइन बंद कर दिया ताकि भीड़ आए और फिर उन्हें बेहोश कर दें ताकि लोगों को लगे कि टिकट नहीं मिल रहा... असल में वो टिकट बाहरी लोगों के लिए रख दिए जाते हैं। देखोगे अगले दिन बड़े बड़े बॉस घूम रहे होंगे स्टेडियम में।

  • RAKESH PANDEY

    RAKESH PANDEY

    17 जुलाई 2025

    ये भीड़ वाली समस्या सिर्फ बाराबती नहीं, पूरे देश में होती है। टिकट सिस्टम अभी भी 2005 का है। ऑनलाइन बुकिंग को एआई-आधारित लॉटरी सिस्टम से बदलो, ताकि हर कोई बराबर मौका पाए। और जरूरतमंदों के लिए ऑफलाइन काउंटर बनाओ, लेकिन उन्हें शिफ्ट में बांटो।

  • Rahul Tamboli

    Rahul Tamboli

    19 जुलाई 2025

    बस ये देखो भाई... विराट के लिए लोग बेहोश हो गए और अगर बॉलीवुड स्टार का फिल्म का टिकट बिक रहा होता तो पूरा स्टेडियम जल जाता 😂 भारत में क्रिकेट धर्म है और हम सब उसके भक्त हैं... भगवान को भी नहीं मिलता इतना भक्ति जो क्रिकेट को मिलता है 🙏🔥

  • Jayasree Sinha

    Jayasree Sinha

    20 जुलाई 2025

    मैं जो भी लोग बेहोश हुए, उनके परिवारों के लिए दुआ करती हूँ। ये भीड़ नहीं, बल्कि निर्माण की गई असुरक्षा थी। अगर यहां पानी की व्यवस्था नहीं थी, तो ये घटना अनिवार्य थी। अब तक कोई जिम्मेदार नहीं बना।

  • Rohith Reddy

    Rohith Reddy

    20 जुलाई 2025

    क्या तुम सब ये भूल गए कि ये स्टेडियम 1980 का है? इसमें 40000 लोग बैठते हैं और आज 1.5 लाख लोग टिकट चाहते हैं? तो फिर भीड़ क्यों होगी? इंतजाम नहीं बदले तो अगली बार भी यही होगा। अब तक कोई नए स्टेडियम नहीं बनाया तो क्या आशा कर रहे हो?

  • Nripen chandra Singh

    Nripen chandra Singh

    21 जुलाई 2025

    सब भीड़ की बात कर रहे हो लेकिन असल सवाल ये है कि क्यों हम इतने निर्मम हो गए हैं? एक बूढ़ा आदमी बेहोश हो गया और तुम सब फोन उठाकर वीडियो बना रहे थे। इंसानियत कहाँ गई? टिकट नहीं मिला तो भी दूसरे की जिंदगी बचाने का फैसला क्यों नहीं लिया? हम बस दर्शक बन गए हैं अपने देश के दर्द के।

  • Vaibhav Patle

    Vaibhav Patle

    22 जुलाई 2025

    मैं भी वहां था भाई! रात 12 बजे से लाइन में खड़ा था। एक बच्ची जिसकी उम्र 8 साल थी, उसकी माँ ने उसे अपनी गोद में लिया ताकि वो बेहोश न हो जाए। जब टिकट बंद हुए तो वो बच्ची रो पड़ी। मैंने उसे अपना टिकट दे दिया। ये भीड़ नहीं, दिल की भीड़ है जिसे हम भूल गए। ❤️

  • Vidhinesh Yadav

    Vidhinesh Yadav

    23 जुलाई 2025

    मैं अक्सर इस तरह की घटनाओं को देखकर सोचती हूँ कि क्या हम सच में एक दूसरे के लिए जिम्मेदार हैं? या बस हम अपने लिए लड़ रहे हैं? एक छोटा सा अंतर है लेकिन वो अंतर ही इंसानियत का अंतर है। अगर हम एक दूसरे को धक्का न देते तो ये घटना नहीं होती।

  • Hira Singh

    Hira Singh

    25 जुलाई 2025

    अगर ये टिकट बिक्री एक फैमिली बाजार की तरह होती तो क्या होता? एक बार जाकर देखो बाजार में जब फल बिकते हैं... वहां भीड़ है लेकिन कोई बेहोश नहीं होता। क्यों? क्योंकि वहां लोग एक-दूसरे के साथ बात करते हैं। इस बार लोग अकेले थे। बस एक बात करो और दूसरों को जगह दो।

  • Ramya Kumary

    Ramya Kumary

    26 जुलाई 2025

    इस भीड़ के पीछे एक गहरी बात है - हम अपने जीवन के अन्य हिस्सों में बेबस हैं। काम, पैसा, दबाव... लेकिन जब क्रिकेट आता है, तो हम एक बार फिर जीवित महसूस करते हैं। ये भीड़ हमारी आत्मा की भूख है। टिकट नहीं, आशा के लिए हम लड़ रहे हैं।

  • Nikita Gorbukhov

    Nikita Gorbukhov

    27 जुलाई 2025

    अरे ये सब फेक है भाई! बेहोश होने वाले लोग अभी तक अस्पताल में नहीं गए। सब फेक न्यूज है। जो लोग टिकट नहीं मिले उन्होंने इसे बड़ा बनाया ताकि लोगों को गुस्सा आए और वो भी टिकट चाहें। ये सब सिर्फ ट्रेंड के लिए है। 🤷‍♂️

  • varun chauhan

    varun chauhan

    29 जुलाई 2025

    मैं तो सोच रहा था कि क्या होगा अगर ये टिकट बिक्री एक फेस्टिवल की तरह होती? जैसे होली या दिवाली। लोग बार-बार आएं, बैठें, बातें करें, खाना खाएं... और टिकट बांटे जाएं। इतनी भीड़ का इंतजाम तो अभी तक किसी ने नहीं किया।

  • Nitin Soni

    Nitin Soni

    29 जुलाई 2025

    मैं बस ये कहना चाहता हूँ कि अगर तुम्हारा बच्चा बेहोश हो गया तो तुम्हारा दिल टूट गया। लेकिन अगर तुम्हारा बच्चा टिकट नहीं मिला तो तुम्हारा दिल टूट गया। दोनों बराबर हैं। लेकिन हम बस टिकट के लिए लड़ रहे हैं, बच्चे के लिए नहीं।

  • Snehal Patil

    Snehal Patil

    30 जुलाई 2025

    ये सब बेकार की बात है। लोग टिकट नहीं मिले तो फिर क्या? घर बैठकर टीवी देख लो। इतना भीड़ भाड़ क्यों? बस एक खेल है। इतना जोश क्यों? अपनी जिंदगी को देखो।

  • Sumit Bhattacharya

    Sumit Bhattacharya

    31 जुलाई 2025

    इस घटना के बाद अगले दिन तक इसे नहीं भूलना चाहिए। ये सिर्फ एक टिकट बिक्री नहीं, ये हमारे सामाजिक बंधनों का परीक्षण था। अगली बार जब आप लाइन में खड़े हों, तो एक बूढ़े आदमी को आगे बढ़ने दें। ये छोटी बात है, लेकिन ये आपकी इंसानियत का प्रमाण है।

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