इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने दिल्ली‑NCR में बारिश अलर्ट जारी

इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने दिल्ली‑NCR में बारिश अलर्ट जारी

इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने दिल्ली‑NCR में बारिश अलर्ट जारी

अक्तूबर 3, 2025 इंच  समाचार subham mukherjee

द्वारा subham mukherjee

जब इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने मॉनसून के पीछे हटने के बाद दिल्ली‑NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश अलर्ट जारी किया, तो शहर‑वासियों ने तुरंत अपने कपड़े और छाते निकाल लिए। इस अलर्ट में बताया गया कि 2 अक्टूबर से लेकर 8 अक्टूबर तक धूप-बारिश का मिश्रण रहेगा, जबकि 6‑7 अक्टूबर को "पश्चिमी डिस्टर्बेंस" से भारी बारिश की संभावना है।

मौसम के इतिहासिक परिप्रेक्ष्य

भारत में प्रत्येक वर्ष के अक्टूबर में मॉनसून की फेज़ धीरे‑धीरे घटती है, परन्तु कभी‑कभी गहरा‑दबाव (डिप्रेसन) या पश्चिमी डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) अचानक भारी बारिश लेकर आता है। पिछले पाँच वर्षों में अक्टूबर की औसत बारिश 30 mm रही, पर 2025 में पूर्वानुमानित मात्रा 75 mm तक पहुँच सकती है, जोकि रिकॉर्ड‑ब्रेकिंग माना जा रहा है।

इस बार मौसम विज्ञानियों ने 2 अक्टूबर को जारी विशेष बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न गहरा दबाव पश्चिमी उत्तर‑भारत तक पहुँचकर तेज़ हवाओं और बूँदाबांदी को सघन कर देगा। उसी समय उत्तर‑पूर्वी भारत में भी हल्की बौछारें होने की संभावना है।

दिल्ली‑NCR का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान

दिल्ली‑NCR में 1‑2 अक्टूबर को हल्की बौछार के साथ अधिकतम तापमान 33‑35 °C और न्यूनतम 24‑26 °C रहा। 2 अक्टूबर को 64 % संभावित बारिश के साथ तापमान 37 °C तक पहुंच गया, जबकि हवा की गति 50 किमी/घंटा तक बढ़ी।

3‑4 अक्टूबर को दिन भर बादलछाया रहेगी, तापमान 34 °C तक घटेगा और संभावित कई ठंडी बूँदें गिरेंगी। 5 अक्टूबर पर तापमान फिर 35 °C तक बढ़ेगा, परन्तु शाम के समय हल्की बौछार की सम्भावना रहती है। 6‑7 अक्टूबर को पश्चिमी डिस्टर्बेंस उत्तरी भारत के कारण भारी बारिश होगी; तापमान 22 °C तक गिरकर सर्दी की झलक दिखाएगा। 8 अक्टूबर को आंशिक बादल के साथ तापमान 31 °C तक स्थिर रहेगा।

  • 2 अक्टूबर: अधिकतम 37 °C, न्यूनतम 25 °C, बारिश की संभावना 64 %।
  • 3 अक्टूबर: अधिकतम 34 °C, न्यूनतम 25 °C, बिखरी बौछार।
  • 6‑7 अक्टूबर: संभावित भारी बारिश, तापमान 22‑24 °C के बीच।
  • पूरे सप्ताह में कुल अनुमानित वर्षा ≈ 75 mm।

इस सर्दी‑रहीत मौसम ने दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफ़िक जाम पैदा किया, परन्तु गर्मी के कारण हुई चिपचिपी साँसों को थोड़ा राहत मिली।

उत्तर प्रदेश और बिहार में स्थितियों का जायजा

उत्तरी भारत के दो सबसे बड़े राज्यों, उत्तर प्रदेश और बिहार, में भी समान पैटर्न दिख रहा है। 2‑3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उत्तर‑पश्चिमी भाग में हल्की बूँदाबांदी हुई, जबकि 3‑4 अक्टूबर को बिहार के प्रमुख क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश दर्ज की गई। विशेष रूप से पटना, गोरखपुर और गाजियाबाद में दो‑तीन घंटे में सड़कों पर पानी जमा हो गया।

किसान संगीता लाल (किशोर किसान, मेरठ) ने कहा, "बारिश से खेतों में नमी वापस आई, परन्तु जलभराव से ट्रैक्टर चलाना मुश्किल हो गया।" इसी तरह, पटना के रजेश कुमार (स्थानीय व्यापारी) ने बताया कि बाजार में भीड़ कम होने के कारण दाल‑चना के दाम थोड़े गिर गए।

विज्ञानियों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने कहा, "हमने दिल्ली‑NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है हल्की बूँदाबांदी। मौसम मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जल जमाव वाले क्षेत्रों से बचें और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्ग अपनाएँ।"

दिल्ली के मौसम विभाग ने भी राब्ता‑रोकथाम के लिए 12 मिलियन लीटर जल निकासी क्षमता वाले अतिरिक्त पंपों को सक्रिय कर दिया है। नगर निगम ने ट्रैफ़िक नियोजन में परिवर्तन किया, जिससे प्रमुख लूप और द्वार पर वैकल्पिक मार्ग खुल गए।

समाजिक एवं आर्थिक प्रभाव

बारिश ने कई छोटे‑बड़े व्यवसायों को अस्थायी रूप से प्रभावित किया, परन्तु ओवरहीटिंग के कारण रोज़ाना बढ़ते ऊर्जा बिल और स्वास्थ्य समस्याओं से राहत के लिहाज़ से यह एक वरदान भी माना जा रहा है। एटीएम और बैंक शाखाओं में कभी‑कभी वैकल्पिक जनरेटर्स चलाने की आवश्यकता पड़ी, परन्तु कुल मिलाकर आर्थिक नुकसान सीमित रहा।

शिक्षा क्षेत्र में 2‑3 अक्टूबर को कई स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, जबकि ऑनलाइन कक्षाओं में भागीदारी में 12 % की बढ़ोतरी हुई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इन दिनों मौसमी धूल के कारण आंखों की जलन में गिरावट आई, परन्तु बारिश के साथ ही बायोटिक करंट जैसी बीमारियों (टाइफाइड, डायरिया) के केस भी बढ़ने की आशंका है।

आगे क्या उम्मीद है?

10‑15 अक्टूबर के बीच मौसम विज्ञानियों ने कहा है कि अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर पर लौट आएगा, परन्तु पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में तापमान 2‑3 °C ऊपर रहने की संभावना है। इस दौरान नई विस्तृत बुलेटिन जारी की जाएगी, इसलिए लोगों को नियमित अपडेट पर नज़र रखनी चाहिए।

यदि पश्चिमी डिस्टर्बेंस के कारण 6‑7 अक्टूबर को भारी बारिश होती है, तो अगले सप्ताह के मध्य में हवा की दिशा बदलकर दक्षिण‑पश्चिमी दिक्‍का लेगी, जिससे उत्तर‑पूर्वी भारत में फिर से हल्की बूँदाबांदी हो सकती है। यह मौसम परिवर्तन न केवल कृषि बल्कि जल संसाधन प्रबंधन के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारिश अलर्ट का मतलब क्या है?

येलो अलर्ट का अर्थ है हल्की बूँदाबांदी की संभावना, जिससे यातायात और जलनिकासी पर असर पड़ सकता है। लोग को सलाह दी जाती है कि वे गीले रास्तों से बचें और आवश्यकता होने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाएँ।

कौन‑से क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है?

6‑7 अक्टूबर को पश्चिमी डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर‑पश्चिमी भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली‑NCR और उत्तरी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 3‑4 अक्टूबर को भी तीव्र बौछारें दर्ज हुई थीं।

बारिश से तापमान में कितना बदलाव आएगा?

आम तौर पर तापमान 3‑5 °C तक गिरता है। 6‑7 अक्टूबर को दिल्ली‑NCR में न्यूनतम 22 °C तक गिरने की संभावना है, जबकि अधिकतम 30‑32 °C के आसपास रहेगा।

क्या इस बारिश से खेती पर असर पड़ेगा?

हल्की बूँदाबांदी से जलस्रोत भरेंगे, जो आगे की फसल को आवश्यक नमी देंगे। परन्तु अत्यधिक जलभराव से निचली जलस्थिति वाले खेतों में जमे हुए पानी की समस्या हो सकती है, इसलिए किसानों को सतही जल निकासी पर ध्यान देना चाहिए।

भविष्य में मौसम विभाग से क्या उम्मीद की जा सकती है?

आगे के दो हफ्तों में मौसम विभाग नियमित अपडेट जारी करेगा, विशेषकर पश्चिमी डिस्टर्बेंस के प्रभावों को देखते हुए। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक बुलेटिन और ऐप्स पर नजर रखें।

subham mukherjee

subham mukherjee

मैं एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हूँ, जो दैनिक खबरों से जुड़े मुद्दों पर लिखना पसंद करता हूँ। मैंने कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया है और मुझे जनता को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने में खुशी मिलती है।

8 टिप्पणि

  • PARVINDER DHILLON

    PARVINDER DHILLON

    3 अक्तूबर 2025

    बारिश की अलर्ट ने कई लोगों को गीले जूते से बचाने की याद दिला दी 😊। येलो अलर्ट का मतलब हल्की बूँदाबांदी है, इसलिए यात्रा में थोड़ा सावधानी बरतें। फसल के लिए थोड़ी नमी अच्छा है, पर जलभराव से बचें। सभी को सुरक्षित रहने की शुभकामनाएँ।

  • Amrinder Kahlon

    Amrinder Kahlon

    14 अक्तूबर 2025

    ओह, आखिरकार मौसम ने भी अपना टाइमटेबल फॉलो किया। अब फिर से भीड़भाड़ वाले रास्ते पर गाड़ी चलाने का नया एंट्री नहीं।

  • Abhay patil

    Abhay patil

    26 अक्तूबर 2025

    बारिश अच्छे संकेत है चलो सब मिलकर सुरक्षित रास्ते चुनें और ट्रैफिक में धैर्य रखें। हल्की बूँदाबांदी से मौसम थोड़ा ठंडा हो जाएगा।

  • Nathan Ryu

    Nathan Ryu

    6 नवंबर 2025

    हम सबको याद रखना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब केवल वैज्ञानिकों के तर्क तक सीमित नहीं रहा। इस बार की भारी बारिश भी एक चेतावनी है कि हम अपने पर्यावरणीय प्रथाओं को पुनः मूल्यांकन करें। यदि हम अभी कार्रवाई नहीं करते तो भविष्य में और भी अधिक विनाशकारी मौसमी घटनाओं का सामना करना पड़ेगा।

  • Atul Zalavadiya

    Atul Zalavadiya

    18 नवंबर 2025

    भारत में मॉनसून का परिवर्तन हमेशा से ही कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहा है, और इस वर्ष की अक्टूबर की बारिश का पैटर्न विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए बुलेटिन में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि पश्चिमी डिस्टर्बेंस की वजह से 6‑7 अक्टूबर को तीव्र वर्षा होगी, जो कि मौसमी इतिहास में दुर्लभ घटना है। इस प्रकार की तीव्र बूँदाबांदी न केवल शहरी क्षेत्रों में जलभराव पैदा करती है, बल्कि ग्रामीण स्थलों में भी सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने में मददगार सिद्ध होती है। हालांकि, अत्यधिक जलसंचय से खेतों में जमी हुई पानी की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे फसल की जड़ें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि किसान सतही जल निकासी प्रणालियों पर विशेष ध्यान दें और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त नालियों की व्यवस्था करें। इसके अतिरिक्त, जलभृतियों में जलस्तर के अचानक बढ़ने से बांधों की सुरक्षा पर भी पुनः मूल्यांकन करना आवश्यक हो जाता है। जल प्रबंधन विभाग ने पहले ही अतिरिक्त पंपों को सक्रिय कर दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। इस बार की बारिश से शहर के कई प्रमुख राजमार्गों पर भी जाम बना, परंतु यह ट्रैफ़िक वहन क्षमता के परीक्षण का एक अवसर भी बन गया। कई लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग किया, जिससे मुख्य गली में कुछ राहत मिली। इस प्रकार की परिस्थितियों में सामुदायिक सहयोग और सूचना प्रेषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। स्थानीय प्रशासन ने रियल‑टाइम अपडेट के लिए मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है, जिससे नागरिक तुरंत परिवर्तित परिस्थितियों से सूचित हो सकते हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों की संभावनाओं को देखते हुए एंटीबायोटिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है। संक्षेप में, यह वर्षा कई आयामों में लाभकारी हो सकती है, बशर्ते हम इसे सही ढंग से प्रबंधित करें। भविष्य में यदि ऐसी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ती रहती है, तो जल संसाधन नियोजन में दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता होगी। इस संदर्भ में राष्ट्रीय जल नीति को पुनः परिभाषित करना आवश्यक प्रतीत होता है। अंततः, हम सभी को यह समझना चाहिए कि प्रकृति की इस अनियमितता में सहयोगी बनना ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

  • Venkatesh nayak

    Venkatesh nayak

    29 नवंबर 2025

    वास्तव में, मौसम की यह चालकता बहुत ही तुच्छ है 😒।

  • rao saddam

    rao saddam

    11 दिसंबर 2025

    बारिश का अलर्ट आया, फिर भी लोग गाड़ी में बैठे, खिड़की नीचे नीचे कर, गीले रास्तों पर फिसलते, नज़रें नहीं गड़ाते, सावधानी कौन दिखाएगा! अब समय है, सबको अपने-अपने घर में रहने की सलाह देना, ट्रैफ़िक जाम को खत्म करने का यही एक उपाय है!

  • Prince Fajardo

    Prince Fajardo

    23 दिसंबर 2025

    वाह! आखिरकार मौसम ने भी अपनी स्क्रिप्ट पढ़ ली, जैसे कोई फिल्म का क्लायमैक्स हो। अब हमें भी अपनी जीवन की कहानी में थोड़ा ड्रामा जोड़ना पड़ेगा, क्योंकि बारिश की बूँदें भी अब सीन में इंटेंसिटी लेती हैं।

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