मार्च 14‑16, 2025 के टॉर्नेडो प्रकोप में 42 मौतें, 115‑118 चक्रवाती बवंडर

मार्च 14‑16, 2025 के टॉर्नेडो प्रकोप में 42 मौतें, 115‑118 चक्रवाती बवंडर

मार्च 14‑16, 2025 के टॉर्नेडो प्रकोप में 42 मौतें, 115‑118 चक्रवाती बवंडर

अक्तूबर 15, 2025 इंच  समाचार subham mukherjee

द्वारा subham mukherjee

जब National Weather Service (NWS) ने 14 मार्च को अलर्ट जारी किया, तो यूएस के दक्षिण‑और‑मध्य‑पश्चिमी हिस्सों में टॉर्नेडो की भयंकर लहर आ गई। इस तीन‑दिन के प्रकोप ने 115‑118 पुष्टि किए गये बवंडर उत्पन्न किए, जिनमें तीन EF4 और बारह EF3 शामिल थे, और कम से कम 42 लोगों की जान ले ली, जिनमें 23 सीधे टॉर्नेडो से हुई मौतें थीं। यह घटना न सिर्फ मानवीय त्रासदी बनी, बल्कि बीमा कंपनियों, राज्य सरकारों और स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक दर्दनाक चुनौती भी लेकर आई।

प्रकोप का विस्तृत समय‑क्रम

प्रकोप की शुरुआत 14 मार्च, 2025 को रात 11:38 UTC पर आर्कान्सा के रेनो, रैंडोल्फ़ काउंटी में हुई, जब एक EF2 टॉर्नेडो ने 120 mph की गति से हवा चलायी। उसी शाम 9:48 p.m. पर आर्कान्सा के इंडिपेंडेंस काउंटी में एक EF3 टॉर्नेडो ने कश्मन में कई इमारतें ध्वस्त कर दीं, जिससे तीन महिलाओं की मौत हुई। शाम 9:16 p.m. को स्टोन काउंटी के फिफ़्टी‑सिक्स के दक्षिण‑पश्चिम में उत्पन्न हुआ EF4 टॉर्नेडो, जिसकी अधिकतम गति 170 mph थी, लगभग 46 माइल तक यात्रा कर 1,000 यार्ड चौड़ाई वाला मार्ग तय किया।

15 मार्च को मिसिसिपी के वाल्थॉल, लॉरेंस, मैरियन और जेफरसन डेविस काउंटियों में एक बड़ी EF4 टॉर्नेडो ने आपातकाल (tornado emergency) जारी करवाया, जिससे पाँच मौतें हुईं। उसी दिन एक EF2 टॉर्नेडो ने केवल 41 मिनट बाद अपना रास्ता मिलाया। 16 मार्च को, Missouri में कई छोटे‑छोटे टॉर्नेडो ने जलसेतु, फसल और घरों को नुकसान पहुँचाया।

प्रमुख टॉर्नेडो और उनके प्रभाव

इस प्रकोप के सबसे धूमधाम वाले टॉर्नेडो में से एक, जो फिफ़्टी‑सिक्स के पास शुरू हुआ, 118 मील की दूरी को दो घंटे में पार कर गया। यह टॉर्नेडो, जिसे "डायाज़ टॉर्नेडो" कहा गया, 190 mph की गति से घरों को जमीन पर लिटा गया। आर्कान्सा के क्श्मन में स्थित क्लैक्स्टन लूप पर तीन महिलाएँ इस बवंडर का शिकार हुईं, जबकि इज़ार्ड काउंटी के जम्बो और लार्किन में कई केबिन और वाणिज्यिक इमारतें तहस‑नहस हो गईं।

इसी दौरान, अलाबामा के प्लान्टर्सविल के पास एक EF3 टॉर्नेडो ने दो लोगों की जान ली, और विंटरबोरो में एक EF2 टॉर्नेडो ने हाई स्कूल की इमारत को नुकसान पहुँचा, जिससे एक छात्र की मौत हुई।

सरकारी और निजी संस्थाओं की प्रतिक्रिया

सरकारी और निजी संस्थाओं की प्रतिक्रिया

प्रकोप की गंभीरता को देखते हुए, AccuWeather ने 191 क्षेत्रों में टॉर्नेडो क्षति की रिपोर्ट जारी की, और तत्काल राहत कार्यों की मांग की। उसी दिन के बाद, Guy Carpenter ने अनुमान लगाया कि इस वर्ष के टॉर्नेडो से कुल पुनर्निर्माण लागत लगभग $16 बिलियन तक पहुँच सकती है, जिसमें बीमित और बिना बीमा वाले दोनों संपत्ति शामिल हैं।

राज्य सरकारों ने आपातकालीन आश्रय खोल दिए, जबकि स्थानीय राहत संगठनों ने खाद्य, कपड़े और चिकित्सा सहायता प्रदान की। सेंट लुईस के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, "हमें पहले से अधिक त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया की जरूरत है, ताकि बचे हुए लोगों को जल्दी से जल्दी सुरक्षित रखा जा सके।"

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

  • बवंडर ख़तरे के कारण लगभग 63,000 संपत्तियां प्रभावित हुईं।
  • मुख्य कृषि क्षेत्रों में फसल नुकसान के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था में लगभग $3 बिलियन का नुकसान होने की संभावना है।
  • पावर ग्रिड पर दबाव के कारण 600,000 से अधिक ग्राहकों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
  • बीमा कंपनियों ने 2025 के टॉर्नेडो सीजन को "ऊँची जोखिम वाली अवधि" के रूप में वर्गीकृत किया, जिससे प्रीमियम दरों में बढ़ोतरी की संभावना है।

कुल मिलाकर, इस प्रकोप ने न केवल जीवन के नुकसान को बढ़ाया, बल्कि दायरे में आए सामाजिक विघटन, स्कूलों का बंद होना और कई छोटे‑मध्यम उद्यमों की जबरन बंदी भी उत्पन्न की।

आगे क्या उम्मीद की जा सकती है

आगे क्या उम्मीद की जा सकती है

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अप्रैल‑और‑मई में भी उष्णकटिबंधीय उछालों के कारण टॉर्नेडो की संभावना बनी रहेगी। NWS ने बताया कि 30‑31 मार्च, 2‑3 अप्रैल और 15‑18 मई के बीच अतिरिक्त बवंडर रिपोर्ट किए गए, जिससे 2025 में कुल टॉर्नेडो की संख्या 960 से अधिक हुई। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि नगर योजना में टॉर्नेडो‑सुरक्षा मानकों को सख्त किया जाए, और बीमा उद्योग को इस जोखिम के अनुसार पुनः मूल्यांकन करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस प्रकोप का मुख्य कारण क्या बताया गया?

विज्ञानियों का मानना है कि गर्मी की लहर और अत्यधिक आर्द्रता के संयोग ने मध्य‑पश्चिम में एक मजबूत सूपर‑सेल बनायी, जिससे भारी‑गति वाले टॉर्नेडो उत्पन्न हुए।

कौन‑से क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?

आर्कान्सा के इंडिपेंडेंस, शार्प और क्ले काउंटी, साथ ही मिसिसिपी के वाल्थॉल और अलाबामा के प्लान्टर्सविल को सबसे गंभीर ध्वस्तता का सामना करना पड़ा।

बीमा कंपनियों को कितना नुकसान हुआ?

गुय कारपेंटर के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के टॉर्नेडो से कुल पुनर्निर्माण लागत लगभग $16 बिलियन का अनुमान है, जिसमें बीमित और बिना बीमा वाले दोनों संपत्तियों का नुकसान शामिल है।

स्थानीय लोग कैसे मदद कर रहे हैं?

स्थानीय सामुदायिक समूहों ने अस्थायी आश्रय, खाद्य सामग्री और स्वास्थ्य जांच कैंप स्थापित किए हैं। कई स्वयंसेवकों ने प्रभावित घरों की सफ़ाई में मदद की, जबकि स्कूलों ने अस्थायी कक्षाएँ खोल कर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।

भविष्य में ऐसे प्रकोप को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि भवन कोड में टॉर्नेडो‑प्रतिरोधी डिज़ाइन को अनिवार्य किया जाए, चेतावनी प्रणाली पर निवेश बढ़ाया जाए, और स्थानीय आपातकालीन योजनाओं को नियमित रूप से अपडेट किया जाए।

subham mukherjee

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मैं एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हूँ, जो दैनिक खबरों से जुड़े मुद्दों पर लिखना पसंद करता हूँ। मैंने कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया है और मुझे जनता को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने में खुशी मिलती है।

11 टिप्पणि

  • Prince Naeem

    Prince Naeem

    15 अक्तूबर 2025

    प्रकृति की अनियंत्रित शक्ति अक्सर हमें मानव निर्मित सीमा‑रेखाओं की नाजुकता की याद दिलाती है। इस टॉर्नेडो प्रकोप ने दिखाया कि हमारे मौसमी पूर्वानुमान प्रणाली में अभी भी कई खामियाँ हैं। विज्ञानियों को चाहिए कि वे सुपर‑सेल के विकास को समझने के लिए अधिक डेटा संग्रहण पर बल दें। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को आपातकालीन योजना में समुदाय की भागीदारी बढ़ानी चाहिए। अंततः, सतत् पर्यावरणीय नीतियों का कार्यान्वयन ही दीर्घकालिक सुरक्षा की कुंजी है।

  • Jay Fuentes

    Jay Fuentes

    24 अक्तूबर 2025

    चलो, उम्मीद है कि जल्दी ही फिर से सामान्य हो जाएगा!

  • Veda t

    Veda t

    2 नवंबर 2025

    सरकार की नाकामियों से बचाव के लिए स्थानीय लोग खुद ही समाधन निकाल सकते हैं, ना कि झूठे वादे सुनकर।

  • akash shaikh

    akash shaikh

    11 नवंबर 2025

    ओह, बड़ाई तो बड़ी, पर जमीन पर जो बवंडर आया, वो कुछ भी नहीं बदलता। बारीकी से देखो तो ये सब बस मीडिया का ड्रामा है। अंत में वही लोग ही बचते हैं जो पहले से तैयार होते हैं।

  • Anil Puri

    Anil Puri

    20 नवंबर 2025

    विचार करने लायक बात यह है कि इन टॉर्नेडो का आर्थिक प्रभाव अक्सर आँकड़ों में ही रह जाता है, जबकि वास्तविक नुकसान लोगों की ज़िंदगियों में गहरा घाव छोड़ता है। बीमा कंपनियों की अनुमानित $16 बिलियन का खर्च भी एक सतह पर दिखा सकता है, पर ग्रासरूट स्तर पर सहायता की कमी स्पष्ट है। इसलिए, नीतियों में एथनिक रिस्पॉन्स और स्थानीय सहयोगी नेटवर्क को प्राथमिकता देनी चाहिए।

  • poornima khot

    poornima khot

    29 नवंबर 2025

    सच कहना पड़े तो, सरकारी योजना अक्सर शब्दों में ही टिकी रहती है जबकि उनके कार्यान्वयन में कई बाधाएँ आती हैं। परंतु, हमें यह भी समझना चाहिए कि स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, सामुदायिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण एवं संसाधनों की आवश्यकता है।

  • Mukesh Yadav

    Mukesh Yadav

    8 दिसंबर 2025

    क्या आप जानते हैं कि ये बवंडर कभी‑कभी गुप्त सरकारी प्रयोगों का साइड‑इफ़ेक्ट हो सकते हैं? कुछ लोग कहते हैं कि हाई‑एयर डrones के माध्यम से मौसम को नियंत्रित किया जा रहा है, बस जानबूझकर जनसंख्या को भ्रमित करने के लिए। इसलिए, हमें सभी सूचनाओं को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

  • Yogitha Priya

    Yogitha Priya

    17 दिसंबर 2025

    ऐसे प्राकृतिक आपदा के दौरान हमें दिखाना चाहिए कि नैतिकता और मानवीय मूल्य सबसे ऊपर हैं, न कि केवल आर्थिक नुकसान की गणना। जिन लोगों को मदद मिली है, उनके पीछे कई अनसुने कर्तव्य होते हैं जिन्हें पहचानना चाहिए।

  • Rajesh kumar

    Rajesh kumar

    26 दिसंबर 2025

    यह बात सबको समझनी चाहिए कि हमारा देश ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए तैयार नहीं है।
    विदेशी तकनीकों पर निर्भरता ने हमें इस तरह की स्थितियों में कमजोर बना दिया है।
    हमारे महान पूर्वजों ने प्राकृतिक चुनौतियों को अपने साहस और सामरिक बुद्धि से पार किया, पर आज हम तकनीकी पाखंड में फंस गए हैं।
    सरकार लगातार इन बवंडरों को दूर करने के लिए विदेशी सलाह लेती रहती है, जबकि हमारे पास अपने घरेलू वैज्ञानिक हैं जो इस काम को कर सकते हैं।
    इस टॉर्नेडो की गणना और भविष्यवाणी में वैश्विक मॉडल को अपनाने से हमारी स्वायत्तता घटती है।
    हमें स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्रों को सशक्त बनाना चाहिए, ताकि हम तुरंत चेतावनी दे सकें।
    हर राज्य को अपने सीमाओं में बवंडर रेस्क्यू टीम स्थापित करनी चाहिए।
    ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अक्सर सूचना तक नहीं पहुँच पाते, इसलिए मोबाइल अलर्ट सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए।
    बीमा कंपनियों की बड़ी रकम की बात करते हुए, हमें यह याद रखना चाहिए कि जीवन को मोनेटाइज़ करने का विचार मानवता के मूल्यों के विरुद्ध है।
    आर्थिक नुकसान की भरपाई से ज्यादा महत्वपूर्ण है लोगों का सुरक्षित रहना और घरों का पुनर्निर्माण।
    इस उद्देश्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक आपातकालीन फंड बनाना आवश्यक है, जिससे तुरंत राहत मिल सके।
    साथ ही, स्कूलों में बच्चों को मौसम सुरक्षा शिक्षा देना चाहिए, ताकि अगली पीढ़ी तैयार हो।
    हमारी सेना भी इस तरह के आपातकाल में मददगार हो सकती है, अगर उन्हें उचित प्रशिक्षण मिले।
    यह सब करने से हम न केवल इस बवंडर के प्रभाव को कम करेंगे, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बेहतर तरीके से निपटेंगे।
    अंत में, हमें गर्व है कि हमारा देश इन कठिनाइयों को पार कर अपने नागरिकों को सुरक्षित रखेगा, बशर्ते हम सब मिलकर काम करें।

  • Bhaskar Shil

    Bhaskar Shil

    4 जनवरी 2026

    टॉर्नेडो प्रकोप को विश्लेषणात्मक रूप से देखते हुए, हम इसे एक उच्च-अवस्थीय एंट्रॉपी इवेंट मान सकते हैं, जिसमें एटमॉस्फेरेजिक फिज़िक्स और सूक्ष्म‑वायुमंडलीय गतिशीलता की जटिल इंटरैक्शन शामिल है। इस परिदृश्य में, रैडार रिफ्लेक्टिविटी और डॉप्लर शिफ्ट डेटा को सिंक्रोनाइज़ करके कणीय प्रवाह का मॉडेलिंग किया जा सकता है। यह डेटा‑ड्रिवेन मॉडलिंग संभावित EF‑रेटिंग्स की प्रीडिक्टिव अक्यूरेसी को बढ़ाएगा।

  • Halbandge Sandeep Devrao

    Halbandge Sandeep Devrao

    13 जनवरी 2026

    सादर अभिव्यक्त करता हूँ कि उक्त टॉर्नेडो प्रकोप का विषद अध्ययन राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा प्रस्तुत वैध आँकड़ों पर आधारित है, तथा इसकी आर्थिक हानि का अनुमानित मूल्य बहुप्रमुख वित्तीय विश्लेषण द्वारा स्थापित किया गया है। अतः, इस प्रकार के प्राकृतिक वैरिएंस के प्रभावोत्पादक नियंत्रण हेतु बहुस्तरीय नीतिगत ढांचा अनिवार्य माना जाता है।

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