प्रियंका गांधी की वायनाड से उम्मीदवारी पर बीजेपी का हमला, कांग्रेस ने मोदी के अतीत से दिया जवाब

प्रियंका गांधी की वायनाड से उम्मीदवारी पर बीजेपी का हमला, कांग्रेस ने मोदी के अतीत से दिया जवाब

प्रियंका गांधी की वायनाड से उम्मीदवारी पर बीजेपी का हमला, कांग्रेस ने मोदी के अतीत से दिया जवाब

जून 18, 2024 इंच  राजनीति subham mukherjee

द्वारा subham mukherjee

प्रियंका गांधी की वायनाड से उम्मीदवारी पर विवाद

प्रियंका गांधी वाड्रा की वायनाड सीट से उम्मीदवारी ने राजनीतिक गर्मागर्मी को बढ़ा दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने एक बार फिर वंशवाद की राजनीति अपनाई है और जनता के साथ विश्वासघात किया है। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के रायबरेली सीट छोड़ने के बाद कांग्रेस ने अपनी मंशा छिपाने की कोशिश की है।

बीजेपी का हमला और कांग्रेस का जवाब

बीजेपी का हमला और कांग्रेस का जवाब

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे वायनाड के मतदाताओं के साथ 'विश्वासघात' करार दिया और कहा कि यह गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत को बनाए रखने का प्रयास है। उनके अनुसार, प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी कांग्रेस के 'वंशवाद की राजनीति' को आगे बढ़ाने की एक और मिसाल है।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस ने भी बीजेपी के आरोपों का जोरदार जवाब दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के चुनावी इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा है कि मोदी ने भी एक समय दो सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने वडोदरा और वाराणसी से चुनाव जीतने के बाद वडोदरा सीट छोड़ दी थी और वाराणसी को चुना था। खेड़ा ने इसे एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताते हुए बीजेपी की आलोचना को नकारा।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद न केवल कांग्रेस और बीजेपी के बीच मतभेदों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले चुनावों में किस तरह की रणनीति अपनाई जा सकती है। दोनों पार्टियां अपने-अपने आंकड़े पेश कर रही हैं और एक-दूसरे पर कैसे बढ़त हासिल की जाए, इस पर जोर दे रही हैं।

वंशवाद की राजनीति का मुद्दा

वंशवाद की राजनीति भारतीय राजनीति में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। बीजेपी लगातार कांग्रेस पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाती रही है, जबकि कांग्रेस ने भी बीजेपी पर अतीत में इसी तरह की राजनीति करने का आरोप लगाया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद सिर्फ वंशवाद की राजनीति की चर्चा को फिर से उठा रहा है और इस पर व्यापक बहस की जरूरत है।

यह विवाद आने वाले चुनावों में किस प्रभाव को डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, दोनों पार्टीयों के नेता अपने-अपने तरीकों से जनता को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

subham mukherjee

subham mukherjee

मैं एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हूँ, जो दैनिक खबरों से जुड़े मुद्दों पर लिखना पसंद करता हूँ। मैंने कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में कार्य किया है और मुझे जनता को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने में खुशी मिलती है।

18 टिप्पणि

  • Kiran Meher

    Kiran Meher

    19 जून 2024

    ये सब राजनीति तो बस चुनाव के लिए बनाई गई है भाई। कोई असली समस्या हल करने की बजाय घरेलू झगड़े चला रहे हैं। प्रियंका आएंगी या न आएंगी, बस ये देखो कि गाँव में पानी का स्वास्थ्य कैसा है।
    कांग्रेस या बीजेपी, दोनों के बीच कोई फर्क नहीं।

  • Tejas Bhosale

    Tejas Bhosale

    21 जून 2024

    वंशवाद की राजनीति का डायनामिक्स एक लिमिटेड सैम्पल स्पेस में डिफाइंड है। जब एक पार्टी एक फैमिली को एक्सप्लॉइट करती है तो दूसरी उसी को टारगेट करती है। ये सब नेटवर्क एफेक्ट्स का प्रोडक्ट है।

  • Asish Barman

    Asish Barman

    22 जून 2024

    modi ne vadarora chhoda tha to kya uska matlab hai ki uski party bhi vanshawad hai? abhi tak koi nahi bola ki koi bhi party nahi karta yeh sab.

  • Abhishek Sarkar

    Abhishek Sarkar

    22 जून 2024

    इस सबके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है। जब भी कोई गांधी परिवार के बारे में बात करता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा और जातीय तनाव का खेल शुरू हो जाता है। ये सब विदेशी फंडिंग से चल रहा है। जानते हो कि किस देश के एजेंट्स इसे बढ़ावा दे रहे हैं? नहीं? तो तुम बस एक टूल हो।

  • Niharika Malhotra

    Niharika Malhotra

    23 जून 2024

    हर एक नेता को चुनाव लड़ने का अधिकार है। अगर प्रियंका गांधी वायनाड के लोगों को समझती हैं और उनके लिए काम करना चाहती हैं, तो उनका ये फैसला सम्मानजनक है। राजनीति में व्यक्ति की इच्छा और जनता की आवाज़ का संगम ही सच्ची लोकतंत्र है।

  • Baldev Patwari

    Baldev Patwari

    24 जून 2024

    बीजेपी के लोगों को तो लगता है कि वो अकेले ही सच के रास्ते पर हैं। प्रियंका को चुनाव लड़ने दो अरे भाई। तुम्हारा मोदी तो दो सीटों से लड़ा था और एक छोड़ दिया। अब ये सब वंशवाद वाली बातें बस ट्रेंड है।

  • harshita kumari

    harshita kumari

    25 जून 2024

    तुम्हें लगता है कि ये सिर्फ एक चुनावी चाल है? नहीं भाई, ये सब एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। जो लोग बीजेपी के खिलाफ बोल रहे हैं, वो असल में एक ऐसी एजेंसी के साथ काम कर रहे हैं जो भारत के इतिहास को मिटाना चाहती है। ये वंशवाद का मुद्दा बस एक धोखा है।

  • SIVA K P

    SIVA K P

    26 जून 2024

    अरे यार तुम लोग इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना रहे हो? प्रियंका आएगी तो आएगी, नहीं आएगी तो नहीं। तुम्हारा बेटा कल टेस्ट में फेल हुआ तो तुम दुनिया को दोष देते हो। ये चुनाव तो बस एक बाजार है।

  • Neelam Khan

    Neelam Khan

    26 जून 2024

    हर एक नेता के पास अपनी कहानी होती है। प्रियंका की कहानी भी वैसी ही है जैसे किसी और की। अगर वो वायनाड के लोगों के लिए काम करना चाहती हैं, तो उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। राजनीति में भावनाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं।

  • Jitender j Jitender

    Jitender j Jitender

    27 जून 2024

    वंशवाद का जो डिबेट है वो एक सिस्टमिक फेलियर का रिफ्लेक्शन है। जब एक पार्टी के पास टैलेंट नहीं होता तो वो बायोलॉजिकल लिंकेज को इंटरनलाइज कर लेती है। बीजेपी का इस पर हमला एक डिस्ट्रैक्शन टैक्टिक है।

  • Jitendra Singh

    Jitendra Singh

    27 जून 2024

    इतना बड़ा विवाद इस चीज़ पर? तुम लोगों को नहीं पता कि ये सब किस तरह से नेशनल इंटरेस्ट को नुकसान पहुंचा रहा है? जनता को एक नेता चाहिए जो समझदार हो, न कि जिसका नाम एक फैमिली ट्री में लिखा हो।

  • VENKATESAN.J VENKAT

    VENKATESAN.J VENKAT

    28 जून 2024

    कांग्रेस जब बीजेपी को वंशवाद का आरोप लगाती है, तो वो अपने आप को बचाने की कोशिश कर रही है। लेकिन अगर तुम अपने आप को बचाना चाहते हो तो अपने आप को बदलो। न कि दूसरों को दोष दो।

  • Amiya Ranjan

    Amiya Ranjan

    30 जून 2024

    प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ने दो। अगर वो वायनाड के लोगों को जानती हैं तो वो वहां जाने के लायक हैं। बीजेपी के लोग तो अपने आप को ही नेता समझते हैं।

  • vamsi Krishna

    vamsi Krishna

    1 जुलाई 2024

    मोदी ने वडोदरा छोड़ा तो ये बात नहीं करते। प्रियंका आई तो वंशवाद। ये तो बस दोहरा मापदंड है। बीजेपी के लोगों को तो अपनी आंखें खोलनी चाहिए।

  • Narendra chourasia

    Narendra chourasia

    2 जुलाई 2024

    तुम सब यहां इतना बहस क्यों कर रहे हो? ये सब बस एक लाइव टीवी शो है। जो भी बोल रहा है, वो अपने लिए बोल रहा है। कोई भी वास्तविक समाधान नहीं दे रहा। ये सब बस ट्रैफिक का झूठा बढ़ावा है।

  • Mohit Parjapat

    Mohit Parjapat

    4 जुलाई 2024

    ये बीजेपी वाले तो अपने आप को ब्रांड बना लेना चाहते हैं। प्रियंका को आने दो। वो वायनाड के लोगों के लिए काम करेगी। अगर तुम्हारा बॉस दो सीटों से लड़ा तो उसे भी दोष दे दो। ये तो बस भावनाओं का खेल है।

  • Sumit singh

    Sumit singh

    4 जुलाई 2024

    वंशवाद की बात करने से पहले तुम खुद को देखो। तुम्हारी पार्टी के नेता अपने बेटों को बैठाते हैं। अब ये बात करना बंद करो। तुम भी वंशवादी हो।

  • fathima muskan

    fathima muskan

    4 जुलाई 2024

    ये सब एक बड़ा धोखा है। जब तुम एक फैमिली को टारगेट करते हो, तो तुम असल में लोगों के दिमाग को बदलने की कोशिश कर रहे हो। ये एक जानबूझकर बनाया गया नारा है। अब तुम लोगों को ये नहीं दिख रहा कि तुम इसका हिस्सा बन गए हो।

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